
आम की बागवानी में कैनोपी प्रबन्धन का प्रायोगिक प्रशिक्षण वी के सिंह ने दिया
प्रयागराज।औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरो बाग प्रयागराज में माली प्रशिक्षण के प्रायोगिक सत्र में मुख्य उद्यान विशेषज्ञ वी के सिंह द्वारा आम में कैनोपी प्रबंधन बताया गया। जिसमें उन्होंने बताया कि 6 माह के पौधे हो जाने पर नीचे से 60 सेंटीमीटर की दूरी पर पहली कटाई करते हैं और तीन शाखाओं को बढ़ने देते हैं। इसके 6 माह बाद फिर से दूसरी कटाई करते हैं और पुनः तीन शाखाओं को आगे बढ़ने देते हैं जो शाखाएं अंदर जाती हैं उनको हटा दिया जाता है बाहर वाली शाखों को छोड़ दिया जाता है। जिससे पौधे पर प्रकाश पूरी तरह से पहुंच सके कटाई करते समय गांठ के नीचे काटते हैं जिससे कई शाखाएं निकले और पेड़ सीधा ना जाकर छतरीनुमा में बन जाए, गांठ से ऊपर तभी काटते हैं जब फल लेने हो । इस प्रकार पेड़ का आकार लगभग 8 फीट ऊंचा कैनेपी बनाया जाता है। सूखी व रोग ग्रस्त टहनियों को हटा दिया जाता है, छटाई करने का नवंबर दिसंबर माह एवं सितंबर माह अच्छा होता है।एक बार में 15 से 20% टहनियां की ही छटाई करनी चाहिए जिससे पौधों को भोजन बनाने में समस्या ना उत्पन्न हो। एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच की दूरी का 75% ही पौधे की ऊंचाई रखनी चाहिए जिससे दूसरे पौधे को पर्याप्त सूर्य का प्रकाश मिल सके। कटे हुए भाग पर कॉपर ऑक्सिक्लोराइड का लेप लगा देना चाहिए और पेड़ की सिंचाई कर देनी चाहिए, इससे बाग की उत्पादकता बढ़ जाती है और कैनोपी भी अच्छी बन जाती है।
रिपोर्ट अमित कुमार श्रीवास्तव



