
मजबूत दलीलों से आरोपी की जमानत मंजूर,अधिवक्ता विनय गुप्ता और एहसान ने बचाव पक्ष से दी दलीलें
कैमरामैन शाहनूर आलम के साथ अमित कुमार की रिपोर्ट
अधिवक्ता विनय गुप्ता और एहसान की हो रही सराहना
फतेहपुर। पास्को एक्ट मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश /विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट, फतेहपुर, महेंद्र कुमार द्वितीय ने अपरहण और दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की सशर्त जमानत मंजूर की। वहीं मामले की जानकारी देते हुए बचाव पक्ष में जोरदार दलील देने वाले अधिवक्ताओ ने बताया कि वादिनि ने थाना कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री कॉलेज गई थी और घर वापस नहीं आई। जिस पर थाना कोतवाली फतेहपुर द्वारा मु स 105/2026में धारा 87,137,(2) बी एन एस के तहत अज्ञात के नाम मुकदमा पंजीकृत किया गया और विवेचना के दौरान महताब हवारी पुत्र रेयाजुल मियां निवासी ग्राम नकछेद मरजदबा पश्चिमी चंपारण बिहार का नाम प्रकाश में लाया गया और मुकदमा में 64 बीएनएस एवम् पॉस्को एक्ट की बढ़ोतरी की गई। इससे यह साफ हो जाता है कि बाद में पुलिस से सांठ गांठ करके मेहनत मजदूरी करने वाले को उस अपराध का आरोपी बना दिया गया जिसने अपराध किया ही नहीं। वादिनि द्वारा पुत्री को नाबालिग बताने में भी स्पष्टता नहीं है। वह भी संदेहजनक है तथा वादिनि की पुत्री के बयान से स्पष्ट है कि पुत्री अपनी मर्जी से गई थी। बयानों में गंभीर विरोधाभास है। पीड़िता द्वारा चिकित्सकीय परीक्षण कराने से भी इंकार कर दिया गया था। थाने से अभियुक्त की दोषसिद्धि का कोई आपराधिक इतिहास प्राप्त नहीं है और आरोपी 5 अप्रैल 2026 से न्यायिक अभिरक्षा मे जिला कारागार फतेहपुर में निरुद्ध है महेंद्र कुमार द्वितीय की अदालत ने उक्त दलीलों को सुनकर आरोपी को सशर्त जमानत मंजूर कर दी।



