
सर्राफा व्यापारियों ने एसपी को सौंपा ज्ञापन; पुराने लेनदेन विवादों में पुलिस हस्तक्षेप पर जताई आपत्ति
कैमरा मैन शहनूर आलम के साथ अमित कुमार की रिपोर्ट
फतेहपुर। जनपद के सर्राफा व्यापारियों ने आभूषण व्यवसाय में पुराने गिरवी (प्लेज) लेनदेन से जुड़े विवादों और उनमें पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। बुधवार को फतेहपुर सर्राफा एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष कुलदीप रस्तोगी उर्फ पप्पन की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक से मुलाकात की और उन्हें सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
प्रमुख समस्या: दशकों पुराने विवादों का पुनरुत्थान
प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को अवगत कराया कि सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण 10 से 30 वर्ष पुराने निष्क्रिय पड़े लेनदेन को अब जानबूझकर विवादित बनाया जा रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि कई मामलों में ऋणियों ने वर्षों पहले गिरवी वस्तु लेने से मना कर दिया था, लेकिन अब बढ़ी कीमतों को देखकर बिना किसी ठोस साक्ष्य के दावे पेश किए जा रहे हैं।पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल ज्ञापन में मुख्य रूप से पुलिस के व्यवहार और सीधे हस्तक्षेप पर चिंता जताई गई।
एकतरफा कार्रवाई: बिना प्रारंभिक जांच या अभिलेखों के परीक्षण के सीधे एफआईआर दर्ज करना विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। बिना नोटिस के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर पुलिस का पहुंचना और दबावपूर्ण व्यवहार करना व्यापारियों की प्रतिष्ठा को चोट पहुँचा रहा है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि ब्याज और गिरवी वस्तु से जुड़े विवाद स्वभावतः दीवानी (Civil) प्रकृति के होते हैं, जिनमें पुलिस का सीधा हस्तक्षेप विधि-विरुद्ध है।एसोसिएशन ने मांग की है कि किसी भी कार्रवाई से पूर्व प्रारंभिक सत्यापन (Preliminary Verification) अनिवार्य हो और केवल स्पष्ट आपराधिक साक्ष्य मिलने पर ही एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, व्यापारियों के साथ सभ्य और संतुलित व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की अपील की गई।
इस अवसर पर उमेश सोनी, रज्जन गुप्ता, सोनू गुप्ता, अमित रस्तोगी, प्रदीप रस्तोगी, आनंद स्वरूप, अर्पित, प्रांजल और संजय रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में सर्राफा व्यवसायी उपस्थित रहे।



